बवासीर को आयुर्वेद में अर्श कहा जाता है। अंग्रेजी में इसे पाइल्स ( piles) और Hemorrhoids कहा जाता है। बवासीर मलद्वार में हाने वाला रोग है। यह एक पीड़जनक बिमारी है। इस बिमारी में व्यक्ति असहाय हो जाता है। बवासीर स्त्री- पुरुष दोनों को प्रभावित करती है। बवासीर दो प्रकार की होती है।
खुनी बवासीर- खुनी बवासीर में रोगी को दर्द का अनुभव नहीं होता बल्कि मलत्यागते समय खुन निकलता है। इसमें मलद्वार के अंदर मस्सा हो जाता है और जब रोगी मलत्याग करता है तो ये मस्से बाहर आने लगते है। मलत्यागने के बाद ये अपने आप अंदर चले जाते है। लेकिन जब यह पुराना हो जाता है तो मस्सा बाहर आ जाता है और फिर यह हाथ से दबाने पर भी अंदर नहीं जाते।
बादी बवासीर- कुछ लोग ऐसा सोचते है कि पेट खराब होने की वजह से बवासीर होती है, लेकिन ऐसा नहीं है बल्कि बादी बवासीर के कारण रोगी का पेट खराब होता है, कब्ज गैस बनती है। इसमें रोगी को मलद्वार में असहनीय दर्द, जलन, खुलजी होती है। बादी बवासीर में मलत्यागते समय दर्द होता है। इसमें मस्से मलद्वार के बाहर आसानी से देखे जा सकते है।
अगर आप भी किसी भी प्रकार की बवासीर को झेल रहे है। तो अब आपको एक प्रतिशत भी चिंता करने की जरुरत नहीं है क्योंकि अमन आयुर्वेदिक क्लिनिक बवासीर के लिए बैस्ट क्लिनिक है। आपकी बवासीर 7 दिन में जड़ से खत्म हो जाएगी। बवासीर का इलाज Piles Treatment in Panipat आयुर्वेदिक पद्धति एंव क्षार सूत्र द्वारा किया जाता है। इसलिए साइड इफैक्ट का डर भी अपने मन से निकाल दें। देरी ना करते हुए चलें Amanclinic अमन क्लिनिक।